वोट वार्षिक परीक्षा में आने वाले संभावित प्रश्न के उत्तर नीचे दिए जा रहे हैं।.... Annual exam
प्रश्न 1. सरकारी बजट किसे कहते हैं,यह उसके उद्देश्य को लिखिए|
उत्तर- सरकारी बजट के उद्देश्य निम्न हैं -
1. आर्थिक विकास:- एक देश की विकास दर उसकी बचत एवं निवेश की दरों पर निर्भर करती है। इसलिए बजट का उद्देश्य बचत और निवेश को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रम को लागु करना होता है।
2. आर्थिक संसाधनों का न्यायोचित आबंटन:-सरकार अपनी बजटीय नीतियों के माध्यम से देश की आर्थिक एवं सामाजिक प्राथमिकताओं के अनुसार अपने उपलब्ध संसाधनों के आवंटन का प्रयास करती है
3. आर्थिक स्थायित्व:- अर्थव्यवस्था में तेजी और मंद के चक्र आते रहते हैं।जब अर्थव्यवस्था में तेजी होती है तो सरकार बचत का बजट बनाती है अर्थात अपने व्ययो में कभी लाती है।तथा करो मे वृध्दी करती है
4. रोजगार के अवसरों में वृद्धि:- भारत जैसे देशों में जहां बेरोजगारी की समस्या है।वहीं बजटीय नीतियों का एक उद्देश्य रोजगारो की उपलब्धता में वृद्धि करना भी होता है
5.आर्थिक समानता:- आर्थिक विषमता में कभी लाने के उद्देश्य से बजट में राजकोषीय नीति को एक महत्वपूर्ण उपकरण के रुप मे प्रयोग किया जाता है आर्थिक समानता लाने हेतु बजट में अमीर लोगों पर कर लगाए जाते हैं तथा गरीबों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती हैं।
6. सार्वजनिक उपक्रमों का प्रबंध:- सरकार सामाजिक हित को ध्यान में रखकर सार्वजनिक उपक्रमों का संचालन एवं प्रबंध करती है। ये सार्वजनिक उपक्रम सामान्यतः उन वस्तुओं की पूर्ति करते हैं।जिनकी पूर्ति निजी क्षेत्र द्वारा नही हो पाती है।
प्रश्न 2. राजकोषीय नीति के उद्देश्य को लिखिए।
उत्तर:- राजकोषीय नीति के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित है-
1. समानता:- सरकार अपनी राजकोषीय नीति के द्वारा क्रय -शक्ति का अंतरण कर सकती है।इन अंतरण कर सकती हैं। इन अंतरणो को अमीरों पर कर लगाकर तथा गरीबों को आर्थिक सहायता प्रदान करके किया जा सकता है। इसके अलावा ऐसे क्षेत्रों के विकास के लिए भी सरकार राजकोषीय नीतियों का प्रयोग कर सकती है,जो आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से पिछड़े हुए हैं।
2. स्थिरता:- राजकोषीय नीति का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में लोगों की क्रय शक्ति और समस्त मांग के स्तर को कम करना चाहिए तथा इसके विपरित मंदी की स्थिति में राजकोषीय नीति का उद्देश्य लोगों की क्रय शक्ति समग्र मांग के स्तर में वृद्धि करना चाहिए।
3. आर्थिक विकास:- राजकोषीय नीतियों का एक प्रमुख उद्देश्य देश के आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना चाहिए।सरकार राजकोषीय नीति के उपकरण का उपयोग करके बचत वह निवेश कर सकती है। अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा देने के लिए गैर -उत्पादन क्रियाकलापों पर व्यव को कम करके उत्पादन कार्यों पर सार्वजनिक व्यव के अनुपात में वृद्धि करनी चाहिए।
प्रश्न 3. भारत में सार्वजनिक व्यय में वृद्धि के कारणों को लिखिए।
उत्तर: -भारत में सार्वजनिक व्यय में वृद्धि के कारण-
1). मूल्यों का बढ़ना:- की वर्षों में मूल्यों स्तर में बहुत वृद्धि हुई है, जिससे कि वस्तुएं और सेवाएं पहले की अपेक्षा अधिक महंगी राशि का भुगतान करना पड़ा है।
2). औद्योगिक विकास होना:- औद्योगिक विकास दर को बढ़ाने के लिए नए उद्योगों की स्थापना करने तथा पुराने उद्योगों को राष्ट्रीयकरण करने के कारण बहुत अधिक राशि का भुगतान करना पड़ा है।
3).आर्थिक नियोजन करना:- आर्थिक नियोजन हेतु विभिन्न परियोजनाओं की पूर्ति करने के लिए सरकार को अपार धन की आवश्यकता पड़ती है, जिसकी पूर्ति व देशी व विदेशी ऋणों की सहायता से करती है तथा कभी-कभी बढ़ते व्यव को पूरा करने के लिए उसे हीनार्थ-प्रबंधन करना पड़ता है।
4). जनसंख्या वृद्धि:-गत वर्षों में देश में तीव्रगति से जनसंख्या वृद्धि हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में इस समय लगभग 1.93% वार्षिक दर से जनसंख्या वृद्धि हो रही है, जिसे सार्वजनिक व्यव में भी वृद्धि हुई है।
प्रश्न 4. क्या बचत एक गुण है या बुराई?
उत्तर:- एक व्यक्ति के दृष्टिकोण से बचत एक गुण है वह अपनी बचत को बैंकों में जमा करवा सकता है तथा उसे निरंतर आए प्राप्त कर सकता है लेकिन एक अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से बचत एक बुराई है जब सभी व्यक्ति बचत करने लगते हैं तो उनका व्यव कम होने लगता है । इससे सामूहिक मांग में कमी आती है, सामूहिक मांग में रोजगार का स्तर भी कम होता है, जिससे उत्पादन तथा रोजगार का स्तर भी कम होता है, परिणाम स्वरूप अर्थव्यवस्था मंदी की ओर अग्रसर होती है।
प्रश्न 5. समष्टि अर्थव्यवस्था का महत्व समझाइए।
उत्तर:-समष्टि अर्थव्यवस्था का महत्व निम्नलिखित है-
1. कार्यप्रणाली को समझने में सहायक:-सामान्यता प्रत्येक देश की कुछ समस्या संपूर्ण अर्थव्यवस्था से संबंधित होती है, जैसे-कॉल आय, कुल उत्पादन, संपूर्ण रोजगार, इत्यादि समष्टि अर्थव्यवस्था इन समस्याओं का आर्थिक विश्लेषण करके इनके समाधान का हल निकालना है, इसलिए व्यापक अर्थव्यवस्था कि बिना संपूर्ण व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझना एक कठिन कार्य है।
2. आर्थिक उतार-चढ़ाव में:-आर्थिक उतार-चढ़ाव के कारणों का अध्ययन समस्ती अर्थशास्त्र में किया जाता है कुल उत्पादन तथा रोजगार आदि में होने वाले परिवर्तनों के कारण ज्ञात होने पर आर्थिक स्थिररता प्राप्ति करने की उपाय किए जा सकते हैं।
3. उचित मौद्रिक नीति में:-समष्टि अर्थशास्त्र में मौद्रिक व राजकोषीय नीतियों का अध्ययन किया जाता है, चाहे रोजगार का पूर्व उदेश्य प्राप्त करना हो या राष्ट्रीय आय में वृद्धि करनी हो इनके लिए उचित नीतियां निश्चित करना आवश्यक होता है।
4. आर्थिक नियोजन में सहायक:-संसार के सभी देश अपने चौमुखी विकास के लिए नियोजन का सहारा लेते हैं नियोजन के लिए उद्देश्य का निर्धारण साधनों को चुनाव किया जाता है यह नियोजन के लिए आवश्यक सामग्री समष्टि अर्थशास्त्र द्वारा ही प्रदत होता है तथा व्यापक अर्थशास्त्र के द्वारा नियोजन देश के विभिन्न साधनों की जानकारी सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकते हैं।
5. मुद्रा मूल्य के निर्धारण सहायक:-मुद्रा के मूल्य निर्धारण के सिद्धांत को ब्याह का समस्ती अर्थशास्त्र में ही की जाती है क्योंकि इसमें मुद्रा मूल्य के परिवर्तनों के संपूर्ण समाज पर पड़ने वाले प्रभाव की व्याख्या की जाती है।
6. राष्ट्रीय आय का अध्ययन:-किसी भी देश की वास्तविक स्थिति का ज्ञान उसकी राष्ट्रीय और सामाजिक लेखांकन के द्वारा होता है। राष्ट्रीय आय के आंकड़े आर्थिक नियोजन के लिए बड़ी उपयोगी होते हैं।
प्रश्न 6. सूर्य हमें सबसे बड़ा और सबसे चमकदार तारा क्यों दिखाई देता हैं?
उत्तर:- सूर्य हमें सबसे बड़ा और सबसे चमकदार तारा दिखाई देता है, क्योंकि यह अन्य तारो की अपेक्षा पृथ्वी के सबसे समीप का तारा है।
प्रश्न 7.ध्रुव तारा हमें स्थिर प्रतित क्यों होता है?
उत्तर:- ध्रुव तारे के पृथ्वी के घूर्णन अक्ष पर स्थित होने के कारण इसकी स्थिति होने के कारण इसकी स्थिति पृथ्वी के किसी भी स्थान से नहीं बदलती, इसलिए ध्रुव तारा हमें स्थिर दिखाई देता है।
प्रश्न 8. सूर्य के बाद पृथ्वी के सबसे निकट के तारा कौन सा है?
उतर:- सूर्य के बाद पृथ्वी के सबसे निकट के तारा"अल्फा सेंटॉरी"है।
प्रश्न 9. भोर का तारा किसे कहते हैं?
उतर :- भोर का तारा या संध्या का तारा शुक्र ग्रह को कहते हैं क्यों कि यह सूर्यास्त से कुछ पहले तथा सूर्यास्त के कुछ समय बाद तक चमकता हुआ दिखाई देता है।
प्रश्न 10. आकाशगंगा किसे कहते हैं?
उत्तर:- आकाश मे उतर से दक्षिण की ओर तारों की एक धुंधली पटी दिखाई देती है जिसे आकाश गंगा कहते हैं।
प्रश्न 1. छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण की परंपरागत प्रणालियों का महत्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
छत्तीसगढ़ की ग्राम्य संस्कृति में बावड़ी, तालाब, चर्रा, बरसाती नाले जैसी पारंपरिक संरचनाएँ अत्यंत महत्त्वपूर्ण रही हैं।
ये संरचनाएँ सिर्फ जल संग्रह का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक सामूहिकता का प्रतीक थीं।
वर्तमान में जलवायु परिवर्तन और भूजल दोहन की वजह से ऐसी प्रणालियों का पुनरोद्धार नीति-निर्माण का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
सामुदायिक सहभागिता, मनरेगा आधारित जीर्णोद्धार और वाटर-शेड मॉडल इससे जुड़ी प्रमुख रणनीतियाँ हैं।
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प्रश्न 2. छत्तीसगढ़ की जनजातीय अर्थव्यवस्था में वनोपज की भूमिका समझाइए।
उत्तर:
वनोपज जनजातीय समाज की जीवन-रेखा मानी जाती है—तेंदूपत्ता, हर्रा, इमली, सालबीज इनके प्रमुख स्रोत हैं।
लगभग 70% जनजातीय आय वनोपज पर निर्भर होती है।
सरकार द्वारा MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाने, वन धन केंद्र बनाने और कलेक्शन-प्रोसेसिंग की आधुनिक व्यवस्था से अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
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प्रश्न 3. ‘राम वनगमन पथ’ परियोजना की सांस्कृतिक एवं पर्यटन दृष्टि से महत्ता बताइए।
उत्तर:
यह परियोजना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करती है।
धार्मिक पर्यटन, पारंपरिक लोककला, हस्तशिल्प और ग्राम अर्थव्यवस्था का विस्तार होता है।
इसके जरिये आस्था + रोजगार + सांस्कृतिक संरक्षण तीनों को सामूहिक लाभ मिलता है।
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🔵 2. राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स — 2024–25
प्रश्न 1. भारत की ‘चंद्रयान-3’ सफलता का वैज्ञानिक एवं रणनीतिक महत्व।
उत्तर:
दक्षिण ध्रुव क्षेत्र में सफल लैंडिंग कर भारत विश्व का पहला देश बना।
इससे भविष्य में लूनर रिसोर्सेज, आइस डिपॉजिट अध्ययन, इंटरप्लानेटरी मिशन को गति मिली।
स्पेस डिप्लोमेसी और वैश्विक प्रतिष्ठा दोनों में भारत की स्थिति मजबूत हुई।
प्रश्न 2. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) मॉडल क्या है और भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
DPI में Aadhaar, UPI, DigiLocker, ONDC जैसे सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म आते हैं।
इससे वित्तीय समावेशन, गवर्नेंस और बिज़नेस इकोसिस्टम को संरचनात्मक मजबूती मिली।
इसे “इंडिया मॉडल” के रूप में वैश्विक स्वीकृति मिल चुकी है।
प्रश्न 3. 2025 के केंद्रीय बजट में प्रमुख प्राथमिकताएँ क्या रहीं?
उत्तर:
ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे कॉरिडोर, MSME सपोर्ट, कृषि–टेक को बढ़ावा।
सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास योजनाओं में बढ़ोतरी।
डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और लॉजिस्टिक्स सुधार पर जोर।
प्रश्न 1. रूस–यूक्रेन संघर्ष का वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव।
उत्तर:
गेहूं, उर्वरक और तेल-बीज आपूर्ति बाधित हुई।
विकासशील देशों में महंगाई और खाद्य असुरक्षा बढ़ी।
वैश्विक व्यापार मार्गों और समुद्री सुरक्षा पर दबाव बढ़ा।
प्रश्न 2. BRICS विस्तार का भारत पर प्रभाव।
उत्तर:
नए सदस्यों के साथ व्यापार, ऊर्जा, वित्त और दक्षिण–दक्षिण सहयोग के अवसर बढ़े।
भारत की आवाज़ बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में और प्रभावशाली बनी ।
परंतु चीन की प्रभाव बढ़त पर रणनीतिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
प्रश्न 3. जलवायु शिखर सम्मेलन (COP28–29) के प्रमुख निष्कर्ष।
उत्तर:
फॉसिल फ्यूल ट्रांजिशन, वित्तीय सहायता, और कार्बन क्रेडिट सुधार मुख्य बिंदु।
विकासशील देशों को “लॉस एंड डैमेज फंड” की उपलब्धता बढ़ी।
भारत के लिए ये अवसर—ग्रीन हाइड्रोजन, अक्षय ऊर्जा, तकनीकी निवेश।
प्रश्न 1. हिंदी साहित्य में छायावाद की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
व्यक्तिवाद, प्रकृति प्रेम, संगीतात्मकता, कोमल भावनाएँ।
प्रमुख कवि—जयशंकर प्रसाद, निराला, पंत, महादेवी वर्मा।
स्वातंत्र्य चेतना और आत्मानुभूति इसका मूल आधार रही।
प्रश्न 2. तुलसीदास के काव्य में भक्ति और लोकधर्म की अभिव्यक्ति।
उत्तर:
तुलसीदास ने रामचरितमानस में लोकभाषा, लोकपरंपरा, भक्ति और नीति को सहज रूप में प्रस्तुत किया।
उनका काव्य जनसाधारण की आस्था, शौर्य, कर्तव्य और सामाजिक मर्यादा का प्रतिनिधि माना जाता है।
प्रश्न 3. प्रेमचंद के उपन्यासों की सामाजिक प्रासंगिकता।
उत्तर:
प्रेमचंद ने किसान, मजदूर, स्त्री, अस्पृश्यता और वर्ग–विरोध जैसे प्रश्नों को केंद्र में रखा।
उनकी दृष्टि यथार्थवादी, सुधारवादी और मानवीय रही।
आज भी ‘गोदान’ और ‘निर्मला’ जैसे उपन्यास नीति-निर्माण और सामाजिक विमर्श में संदर्भित होते हैं।
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