छह वर्ष से चौदह वर्ष की आयु के सभी बालकों को नि: शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का उपबंध करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के साठवें वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रुप में यह अधिनियम हों -
1.संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ -- (1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम,2009 है ।
(2) इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय संपूर्ण भारत पर होगा ।
(3) यह उस तारीख¹ को प्रवृत होगा,जो केंद्रीय सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करें।
(4) संविधान के अनुच्छेद 29 और अनुच्छेद 30 के उपबंधो के अधीन रहते हुए इस अधिनियम के उपबंध नि: शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकारों को प्रदान करने के लिए लागू होगें ।
(5) इस अधिनियम की कोई बात मदरसों, वैदिक पाठशाला और मुख्तत: धार्मिक शिक्षा प्रदान करने वाली शैक्षिक संस्थानों को लागू नहीं होगी ।
2. परिभाषाएं - इस अधिनियम में ,जब तक की संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित ना हो -
(क.) "समुचित सरकार" से -
(क) किसी राज्य की राज क्षेत्र के भीतर स्थापित किसी विद्यालय के संबंध में राज्य सरकार;
(ख) विधानसभा वाले किसी संघ राज्य क्षेत्र की राज्य क्षेत्र के भीतर स्थापित विद्यालय के संबंध में उस संघ राज्यक्षेत्र की सरकार
(ग) "प्रति व्यक्ति फीस" से, विद्यालय द्वारा अधिसूचित फीस से भिन्न किसी प्रकार का संदान या अभिदाय अथवा संदाय अभिप्रेत है;
(घ) "बालक" से, 6 वर्ष से 14 वर्ष की आयु का कोई बालक या बालिका अभिप्रेत है;
(च) "असुविधाग्रस्त समूह का बालक" से, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक रूप से और शैक्षिक रूप से बिछड़े वर्ग या सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, भौगोलिक, भाषाई, लिंग या ऐसी अन्य बात के कारण, जो समुचित सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए, असुविधा ग्रस्त ऐसे अन्य समूह का [कोई नि:शक्त बालक या] कोई बालक अभिप्रेत है;
अधिसूचना क्रमांक एफ 13-73/20-3/11, दिनांक 23 अगस्त 2011- निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (2009 का 35) की धारा 2 के खंड (घ) के द्वारा प्रदत शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार, के द्वारा अधिसूचित करती है कि छत्तीसगढ़ राज्य में "असुविधाग्रस्त समूह के बालक" से आशय-
(क) भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 की अध्ययन इस राज्य के संबंध में यथा विनिर्दिष्ट अनुसूचित जाति के बालक से है ।
(ख) भारत के संविधान की अनुच्छेद 342 के अधीन इस राज्य के संबंध में यथा विनिर्दिष्ट अनुसूचित जाति के बालक से है;
(ग) ऐसे बालक से है, जिनके संरक्षक इस राज्य के संबंध में भारत शासन द्वारा यथा परिलक्षित आदिम जनजाति समूह के है;
(घ) ऐसे बालक से है, जो निशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षक और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम,1995 की धारा 2 के खण्ड (झ) के अधीन यथा विनिद्रिष्ट 40% निशक्ता से ग्रस्त है, तथा
(ड) ऐसे बालक से है, जिनके संरक्षक अनुसूचित जनजातियों और परंपरागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के अंतर्गत वन अधिकारों के मान्यता पत्र धारी हैं ।
अधिसूचना क्रमांक एफ 13-73/20-3/11, दिनांक 23 अगस्त,2011 - निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (2009 का 35) की धारा 2 के खंड के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार, के द्वारा अधिसूचित करती है कि छत्तीसगढ़ राज्य में दुर्बल वर्ग के बालक से आशय है -
(क) ऐसा बालक जिसकी संरक्षक तत्समय प्रभावशाली गरीबी रेखा की सूची में शामिल हो;
(ख) ऐसा बालक जिसकी संरक्षक वर्तमान में जीवित न हो, किंतु उनकी मृत्यु के समय प्रभावशील गरीबी रेखा की सूची में उनका नाम सम्मिलित था।
[छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) दिनांक 2.8. 2011 पृष्ट 506 पर प्रकाशित]
(ड) "नि:शक्त बालक" जिसके अंतर्गत निम्नलिखित है-
(अ) निशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम,1995(1996 का 1) की धारा 2 के खंड (झ) में यथा परिभाषित नि:शक्त कोई बालक;
(आ) राष्ट्रीय स्वपरायणता, प्रमस्तिष्क घात, मानसिक मंदता और बहु नि: शक्तताग्रस्त व्यक्ति कल्याण न्यास अधिनियम 1999
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Thanks for reading: नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, Sorry, my English is bad:)