इथियोपिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से अफ़ार क्षेत्र में स्थित हायली गुब्बी ज्वालामुखी रविवार तड़के अचानक सक्रिय हो गया। लंबे समय से शांत पड़े इस ज्वालामुखी के विस्फोट ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंकाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट के बाद आसपास के गाँवों और बस्तियों में बारीक राख और धूल की मोटी परत जम गई, जिसके कारण क्षेत्र में दृश्यता कम हो गई है। हालांकि अब तक किसी तरह की जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
ग्लोबल वोल्कैनिज़्म प्रोग्राम (Smithsonian Institution) का कहना है कि उपलब्ध भू-वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार, हायली गुब्बी ज्वालामुखी करीब 12 हज़ार साल बाद पहली बार फटा है। इस कारण यह घटना पृथ्वी के ज्वालामुखी इतिहास में बेहद दुर्लभ मानी जा रही है।
टूलूज़ वॉल्केनिक ऐश एडवाइजरी सेंटर ने जानकारी दी कि हवा की तेज़ गति से यह राख:
यमन
ओमान
भारत
उत्तरी पाकिस्तान
अफ़ार क्षेत्र में रहने वाले अधिकांश लोग पशुपालन पर निर्भर हैं। अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि राख और धूल से उनके पशुओं और चरागाहों पर असर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में आजीविका संबंधी चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं।
अभी तक हताहतों, घायलों या बड़े पैमाने पर विस्थापन की कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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Thanks for reading: “इथियोपिया के अफ़ार क्षेत्र में 12 हजार साल बाद फटा हायली गुब्बी ज्वालामुखी, कई देशों तक पहुँची राख”, Sorry, my English is bad:)