कीबोर्ड कंप्यूटर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण इनपुट डिवाइस है। इसकी सहायता से हम कंप्यूटर में अक्षर, संख्या, चिन्ह और आदेश (Commands) डालते हैं। बिना कीबोर्ड के कंप्यूटर का सही उपयोग करना लगभग असंभव है। इस लेख में हम कीबोर्ड से जुड़ी पूरी जानकारी सरल हिंदी भाषा में समझेंगे।
कीबोर्ड एक ऐसा उपकरण है जिसमें कई छोटी-छोटी कुंजियाँ (Keys) होती हैं। इन कुंजियों को दबाकर हम कंप्यूटर को निर्देश देते हैं। प्रत्येक कुंजी का अपना अलग कार्य होता है।
कीबोर्ड का विकास टाइपराइटर से हुआ है।
सबसे पहले टाइपराइटर में QWERTY लेआउट का उपयोग किया गया।
बाद में यही लेआउट कंप्यूटर कीबोर्ड में अपनाया गया।
इसमें हर कुंजी के नीचे अलग स्विच होता है
तेज़ और टिकाऊ
गेमिंग और प्रोफेशनल टाइपिंग के लिए उपयोगी
सामान्य कंप्यूटर में अधिकतर यही होता है
सस्ता और हल्का
ऑफिस व घरेलू उपयोग के लिए सही
बिना तार के काम करता है
ब्लूटूथ या डोंगल से जुड़ता है
स्क्रीन पर दिखाई देता है
मोबाइल और टैबलेट में अधिक उपयोग
A से Z तक की कुंजियाँ, जिनसे अक्षर टाइप किए जाते हैं।
0 से 9 तक की कुंजियाँ, जिनसे संख्या टाइप की जाती है।
F1 – सहायता
F2 – नाम बदलना
F5 – रिफ्रेश
Ctrl, Alt, Shift – शॉर्टकट के लिए उपयोगी।
Arrow keys, Home, End, Page Up, Page Down
Enter, Spacebar, Backspace, Delete, Caps Lock
Ctrl + C → कॉपी
Ctrl + V → पेस्ट
Ctrl + X → कट
Ctrl + Z → Undo
Alt + Tab → विंडो बदलना
टाइपिंग और डाटा एंट्री
प्रोग्रामिंग
गेम खेलने में
ऑनलाइन फॉर्म भरने में
तेज़ कार्य करने में मदद
समय की बचत
कंप्यूटर चलाना आसान
कार्यक्षमता में वृद्धि
अधिक उपयोग से उंगलियों में दर्द
खराब कीबोर्ड से टाइपिंग धीमी
सही टाइपिंग पोस्चर अपनाएँ
समय-समय पर कीबोर्ड साफ करें
सही कीबोर्ड का चयन करें
कीबोर्ड कंप्यूटर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण इनपुट डिवाइस है। इसकी सहायता से हम कंप्यूटर को निर्देश देते हैं, टाइपिंग करते हैं और विभिन्न प्रकार के कार्य करते हैं। इस लेख में हम कीबोर्ड A से Z तक की पूरी जानकारी सरल हिंदी भाषा में समझेंगे। यह लेख विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों और ब्लॉगर्स के लिए उपयोगी है।
कीबोर्ड पर A से Z तक की कुंजियों को अल्फाबेट कुंजियाँ कहते हैं। इनका उपयोग अक्षर टाइप करने के लिए किया जाता है।
बैकस्पेस कुंजी कर्सर के बाईं ओर मौजूद अक्षर को हटाने का कार्य करती है।
कैप्स लॉक कुंजी को चालू करने पर सभी अक्षर बड़े (Capital Letters) में टाइप होते हैं।
डिलीट कुंजी कर्सर के दाईं ओर के अक्षर या चयनित शब्द को हटाती है।
एंटर कुंजी का उपयोग नई पंक्ति शुरू करने, आदेश देने और फॉर्म सबमिट करने के लिए किया जाता है।
फंक्शन कुंजियाँ विशेष कार्यों के लिए होती हैं।
F1 – सहायता (Help)
F2 – नाम बदलना (Rename)
F5 – पेज रिफ्रेश करना
गेमिंग कीबोर्ड विशेष रूप से खेल खेलने के लिए बनाए जाते हैं, जिनमें तेज प्रतिक्रिया और रंगीन लाइट होती हैं।
होम कुंजी कर्सर को पंक्ति की शुरुआत में ले जाती है।
कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस है, जिसके द्वारा उपयोगकर्ता कंप्यूटर में जानकारी डालता है।
कुछ आभासी कीबोर्ड जॉयस्टिक या कंट्रोलर की सहायता से संचालित किए जाते हैं।
दो या अधिक कुंजियों को एक साथ दबाने को कुंजी संयोजन कहते हैं। जैसे – Ctrl + C (कॉपी), Ctrl + V (पेस्ट)।
लैपटॉप कीबोर्ड छोटा और हल्का होता है तथा लैपटॉप में पहले से जुड़ा रहता है।
इन कुंजियों का उपयोग संगीत चलाने, रोकने और आवाज़ कम–ज़्यादा करने के लिए किया जाता है।
न्यूमेरिक कीपैड का उपयोग अंकों की तेज़ी से टाइपिंग के लिए किया जाता है।
यह एक सॉफ्टवेयर आधारित कीबोर्ड होता है जो स्क्रीन पर दिखाई देता है।
पोर्टेबल कीबोर्ड हल्का होता है और आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है।
क्वर्टी लेआउट दुनिया में सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला कीबोर्ड लेआउट है।
आरजीबी कीबोर्ड में रंगीन लाइट लगी होती हैं, जो देखने में आकर्षक होती हैं।
शिफ्ट कुंजी का उपयोग बड़े अक्षर और विशेष चिन्ह टाइप करने के लिए किया जाता है।
कीबोर्ड की सहायता से टाइपिंग की गति बढ़ाई जा सकती है।
यूएसबी कीबोर्ड को कंप्यूटर में लगाते ही उपयोग किया जा सकता है।
वर्चुअल कीबोर्ड मोबाइल और टच स्क्रीन उपकरणों में उपयोग होता है।
वायरलेस कीबोर्ड ब्लूटूथ या डोंगल की सहायता से कंप्यूटर से जुड़ता है।
ये कुंजियाँ पतली होती हैं और दबाने में नरम अनुभव देती हैं।
वाई लेआउट कुछ यूरोपीय देशों में उपयोग किया जाता है।
ज़ूम जैसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सॉफ्टवेयर में कीबोर्ड शॉर्टकट का उपयोग किया जाता है।
मैकेनिकल कीबोर्ड
मेम्ब्रेन कीबोर्ड
वायरलेस कीबोर्ड
वर्चुअल कीबोर्ड
तेज़ टाइपिंग
समय की बचत
कार्यक्षमता में वृद्धि
आसान डेटा एंट्री
कीबोर्ड कंप्यूटर का एक इनपुट डिवाइस है। इसकी सहायता से हम कंप्यूटर में अक्षर, संख्या, चिन्ह और आदेश (Commands) डालते हैं।
टाइपिंग करने के लिए
डेटा एंट्री के लिए
प्रोग्रामिंग में
गेम खेलने में
ऑनलाइन फॉर्म भरने में
कीबोर्ड का विकास टाइपराइटर से हुआ
QWERTY लेआउट सबसे पहले प्रयोग में आया
आज यही लेआउट सबसे अधिक उपयोग होता है
हर कुंजी के नीचे अलग स्विच
तेज़ और टिकाऊ
सामान्य कंप्यूटर में उपयोग
सस्ता और हल्का
बिना तार के काम करता है
ब्लूटूथ / डोंगल से जुड़ता है
स्क्रीन पर दिखाई देता है
मोबाइल व टैबलेट में उपयोग
A से Z तक की कुंजियाँ
0 से 9 तक की कुंजियाँ
F1 – सहायता (Help)
F2 – नाम बदलना (Rename)
F5 – रिफ्रेश (Refresh)
Ctrl, Alt, Shift
Arrow Keys, Home, End, Page Up, Page Down
Enter, Spacebar, Backspace, Delete, Caps Lock
Ctrl + C → कॉपी
Ctrl + V → पेस्ट
Ctrl + X → कट
Ctrl + Z → Undo
Alt + Tab → विंडो बदलना
तेज़ कार्य
समय की बचत
टाइपिंग आसान
उत्पादकता में वृद्धि
अधिक उपयोग से उंगलियों में दर्द
गलत पोस्चर से समस्या
सही टाइपिंग पोस्चर अपनाएँ
समय-समय पर कीबोर्ड साफ करें
आराम के लिए बीच-बीच में ब्रेक लें
कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस है
QWERTY सबसे लोकप्रिय लेआउट है
F1 = Help, F2 = Rename, F5 = Refresh
उत्तर: कीबोर्ड कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण इनपुट डिवाइस है। इसकी सहायता से उपयोगकर्ता कंप्यूटर में अक्षर, संख्या, चिन्ह तथा आदेश दर्ज करता है। कीबोर्ड के प्रमुख भाग इस प्रकार हैं – (1) अल्फाबेट कुंजियाँ, जिनसे अक्षर टाइप किए जाते हैं। (2) न्यूमेरिक कुंजियाँ, जिनसे संख्याएँ टाइप की जाती हैं। (3) फंक्शन कुंजियाँ (F1–F12), जिनका उपयोग विशेष कार्यों के लिए होता है। (4) कंट्रोल कुंजियाँ जैसे Ctrl, Alt, Shift। (5) नेविगेशन कुंजियाँ, जिनसे कर्सर को नियंत्रित किया जाता है।
उत्तर: कीबोर्ड मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं – (1) मैकेनिकल कीबोर्ड, जो तेज़ और टिकाऊ होता है। (2) मेम्ब्रेन कीबोर्ड, जो सामान्य उपयोग में सबसे अधिक प्रचलित है। (3) वायरलेस कीबोर्ड, जो बिना तार के ब्लूटूथ या डोंगल से जुड़ता है। (4) वर्चुअल कीबोर्ड, जो स्क्रीन पर दिखाई देता है और मोबाइल उपकरणों में उपयोग होता है।
उत्तर: फंक्शन कुंजियाँ F1 से F12 तक होती हैं। ये कुंजियाँ विशेष कार्यों के लिए प्रयोग की जाती हैं। जैसे – F1 सहायता के लिए, F2 नाम बदलने के लिए, F5 पेज को रिफ्रेश करने के लिए उपयोग होती है। अलग-अलग सॉफ्टवेयर में इनका कार्य अलग हो सकता है।
उत्तर: कीबोर्ड का उपयोग टाइपिंग, डेटा एंट्री, प्रोग्रामिंग, गेम खेलने और ऑनलाइन कार्यों में किया जाता है। इसके लाभ हैं – कार्य तेजी से होना, समय की बचत, कंप्यूटर चलाना आसान होना और कार्यक्षमता में वृद्धि।
उत्तर: कीबोर्ड का उपयोग करते समय सही पोस्चर अपनाना चाहिए। लंबे समय तक लगातार टाइपिंग से बचना चाहिए। समय-समय पर कीबोर्ड की सफाई करनी चाहिए ताकि उसकी कार्यक्षमता बनी रहे।
QWERTY सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला कीबोर्ड लेआउट है।
Ctrl + V का उपयोग पेस्ट करने के लिए होता है।
न्यूमेरिक कीपैड अंकों की टाइपिंग के लिए होता है।
कीबोर्ड क्या है?
Enter कुंजी का कार्य बताइए।
दो कंट्रोल कुंजियों के नाम लिखिए।
कीबोर्ड कंप्यूटर का एक इनपुट डिवाइस है जिसकी सहायता से हम अक्षर, संख्या और आदेश कंप्यूटर में डालते हैं।
मुख्य रूप से कीबोर्ड चार प्रकार के होते हैं – मैकेनिकल, मेम्ब्रेन, वायरलेस और वर्चुअल कीबोर्ड।
QWERTY सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला कीबोर्ड लेआउट है, जिसका नाम इसके पहले छह अक्षरों से पड़ा है।
F1 से F12 तक की कुंजियों को फंक्शन कुंजियाँ कहते हैं, जिनका उपयोग विशेष कार्यों के लिए किया जाता है।
कीबोर्ड से टाइपिंग तेज होती है, समय की बचत होती है और कंप्यूटर का उपयोग आसान हो जाता है।
कीबोर्ड कंप्यूटर का एक इनपुट डिवाइस है जिसकी सहायता से हम डेटा और कमांड कंप्यूटर में डालते हैं।
सामान्य QWERTY कीबोर्ड में लगभग 101 या 104 कुंजियाँ होती हैं।
कीबोर्ड की पहली पंक्ति के पहले छह अक्षर Q, W, E, R, T, Y होने के कारण इसे QWERTY कहा जाता है।
आधुनिक कीबोर्ड का विकास टाइपराइटर से हुआ, जिसे क्रिस्टोफर लैथम शोल्स ने बनाया था।
F1 से F12 तक की कुंजियों को फंक्शन कुंजियाँ कहते हैं।
Enter कुंजी का उपयोग नई पंक्ति शुरू करने और आदेश को पूरा करने के लिए किया जाता है।
Spacebar शब्दों के बीच खाली स्थान देने के लिए उपयोग की जाती है।
Ctrl + C का उपयोग चयनित टेक्स्ट या फाइल को कॉपी करने के लिए किया जाता है।
Numeric Keypad का उपयोग अंकों की तेज़ टाइपिंग के लिए किया जाता है।
Caps Lock चालू करने पर सभी अक्षर बड़े (Capital Letters) में टाइप होते हैं।
क्रिस्टोफर लैथम शोल्स को आधुनिक कीबोर्ड का जनक माना जाता है। उन्होंने QWERTY कीबोर्ड लेआउट का आविष्कार किया, जो आज भी दुनिया भर में कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल कीबोर्ड में सबसे अधिक उपयोग किया जाता है।
क्रिस्टोफर लैथम शोल्स का जन्म 14 फरवरी 1819 को अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य में हुआ था। उनका परिवार साधारण था। बचपन से ही वे पढ़ाई में रुचि रखते थे और नई-नई चीज़ें सीखने के शौकीन थे। उन्होंने औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ स्वयं अध्ययन (Self Study) के माध्यम से ज्ञान प्राप्त किया।
शोल्स पेशे से पत्रकार, मुद्रक (Printer) और आविष्कारक थे। वे अख़बारों में काम करते थे और छपाई मशीनों से जुड़े तकनीकी कार्यों में गहरी रुचि रखते थे। इसी रुचि के कारण वे ऐसी मशीन बनाने के बारे में सोचने लगे, जिससे लिखने का कार्य तेज़ और आसान हो सके।
1860 के दशक में क्रिस्टोफर शोल्स ने अपने साथियों के साथ मिलकर टाइपराइटर मशीन का विकास किया। शुरुआत में जब उन्होंने वर्णमाला क्रम (ABCDEF) में कुंजियाँ रखीं, तो मशीन में अक्सर कुंजियाँ आपस में टकरा जाती थीं और काम रुक जाता था।
इस समस्या को हल करने के लिए उन्होंने कुंजियों को एक विशेष क्रम में व्यवस्थित किया, जिसे बाद में QWERTY लेआउट कहा गया। यह लेआउट टाइपिंग को सुचारु और तेज़ बनाता था। यही लेआउट आगे चलकर कंप्यूटर कीबोर्ड का आधार बना।
QWERTY लेआउट का नाम कीबोर्ड की पहली पंक्ति के पहले छह अक्षरों (Q, W, E, R, T, Y) से पड़ा। आज लगभग सभी कंप्यूटर और लैपटॉप में यही लेआउट उपयोग किया जाता है। यह शोल्स की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
क्रिस्टोफर लैथम शोल्स ने अपने जीवन में कई आविष्कार किए, लेकिन कीबोर्ड और टाइपराइटर ने उन्हें विश्व प्रसिद्ध बना दिया। उनका निधन 17 फरवरी 1890 को अमेरिका में हुआ। भले ही वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका आविष्कार आज भी पूरी दुनिया में उपयोग किया जा रहा है।
QWERTY कीबोर्ड लेआउट का आविष्कार
टाइपराइटर मशीन का विकास
आधुनिक कंप्यूटर कीबोर्ड की नींव रखना
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Thanks for reading: Keyboard in Hindi – GK, Long Answers, FAQ और Christopher Sholes Biography, Sorry, my English is bad:)